शनिवार, 3 अक्टूबर 2009

नयी बहु के स्वागत में लगा एक परिवार ?????????



किसी घर में एक नयी बहु के आने कि जो उमंग होती है, जो उत्साह होता है वही उत्साह और उमंग आज इस घर में भी है जिसकी सच्ची कहानी मैं आपको आज बताने जा रहा हूँ |
ये कहानी एक ऐसे परिवार से शुरू होती है जहाँ हमेशा हंसी के ठहाके, भाई बहनों का प्यार और आने जाने वाले लोगों की कतार लगी रहती थी | इस घर व इस घर में रहने वालों को सभी प्यार करते थे | हमेशा की तरह ये परिवार आज भी बहुत खुश था क्यूंकि आज इस परिवार के बड़े लड़के की शादी तय हो गयी थी | पूरा परिवार ख़ुशी में झूम रहा था | माता- पिता को अपनी बहु पाने की ख़ुशी थी तो वहीँ बाकि दो भाई व एकलौती बहन को भाभी पाने की ख़ुशी थी | पूरा परिवार शादी की तैयारी में लग गया | जैसे- जैसे शादी के दिन करीब आ रहा था सबके सपने मानो परवान चढ़ रहे थे | हर कोई अपनी एक अलग ही दुनिया में जी रहा था | ये शादी उनके अपने गाँव से हो रही थी | शादी से एक महीने पहले ही पूरा परिवार गाँव चला गया था शादी की तैयारी के लिए | जहाँ ये सभी इतने खुश थे वहीँ उनका बाकी परिवार जैसे दादा- दादी, चाचा व और लोग बिलकुल विरोध में थे इस शादी के | क्यूंकि अभी लड़के के छोटे चाचा की शादी नहीं हुई थी | परिवार के बाकी लोगों का ये मानना था कि अगर ये शादी पहले हो जायेगी तो उनके चाचा की शादी में रुकावट आएगी | पर कारण कुछ भी हो सच तो ये था की कोई नहीं चाहता था की इस परिवार के लोग खुश रहे | ऐसा आज से नहीं था कई सालों से ये चल रहा था | क्यूंकि लड़के के पिता अपने बच्चों को पढाना चाहते थे इसलिए वो गाँव से शहर में आ गए जो सबको पसंद नहीं था | पर जो भी था लड़के के पापा का कहना था कि भगवन सब देख रहा है | अब देखना ये है कि आगे क्या होता है ? आगे कि कहानी जानने के लिए पढ़ते रहिये क्या होगा मेरा नाम....................

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2009

आज हर महिला के हो गए है अनेको रूप


कहते है की एक महिला किसी का घर बना सकती है तो वही महिला हसते हुई घर को जला भी सकती है एक महिला की अनेको रूप होते है इसको हम माँ , बहन ,पत्नी और बेटी की इलावा अनेको रूपों में हमारे साथ रहती है पर क्या पता कौन सा रूप हमारी साथ क्या कर जाए ? एक मनुष्य की सबसे बड़ी बिडमन्ना होती है उस रूप को समझ पाना
आज मै आपके सामने एक इस तरह की सच्ची घटना को लाना चाहता हूँ कौन सा होगा बह रूप ???????????????????