मंगलवार, 30 अक्टूबर 2012

kya yahi hai bharat ????????????????????


रोटी को तरसती निगाहे 
 
नंगा भारत का जीवन 
भारत का भविष्य 
आज इस देश के हालत देख कर रोना आता है और बस दिल करता है कि काश मेरे हाथ में जादू होता तो मैं कुछ इस तरह का करता जिससे सभी खुश रहते क्या भगवान ने भी हमारे साथ मज़ाक किया है की जाओ में तुम को अपने रचे हुए सबसे सुन्दर गृह (पृथ्वी ) पर भेज रहा हूँ जिधर  तुम खुश रहोगे  क्या रब ने धोखा दिया है या अब हमारी नियत ही बदल  गयी है जो की हम बस अपने बारे में सोचते है ये नहीं सोचते की हमारे जैसे  कितने भाई-बहन है जो कई दिनों से भूखे है और हम अपने घर से खाने को सड़क या नाली में डाल देते है जो कोई नहीं खाता यदि हम उसी सामान को किसी को दे तो किसी भाई का पेट भर जायेगा पर आज हम बस अपने बारे में सोचते है न की पड़ोसी के बारे में हम हँसी खुशी रहे दुनिया जा ये भाड़ में हम पर कोई फहराकर नहीं पड़ता `और यही हाल है आज की राजनीति में आने बारे हर इन्सान का आम जनता उसको चुन कर संसद या विधान सभा भेजता है ताकि वो उसको और  उसके नगर का विकास करे पर होता है उसके साथ धोखा जिसको भेजता है वो ही उसको भूल जाता है  और जब कोई उनके पास अपनी फ्हरिह्याद ले कर पहुच  भी जाये तो उसको बोल देते है की  मेरे को बोट नहीं दी थी तूने तो और हो सकता है की नेता जी कुछ सुन्दर से शव्दों का भी प्रयोग करने से नहीं चुकते  क्योकि आज तो वो इस नगर के मुखिया है और मोटी सी रकम पा  रहे और कहते ही जिसके घर में यदि कोई एक बार (M.L.A) या (M.P) हो जाये 7 पुश्त को कामने की जरुरत नहीं है पैदा होते ही तो सभी नेता जी कहना शुरू कर देते है और नेता जी 5 साल तक नगर के मुखिया रहे और हार गए तो उनको कोई फहराक नहीं पड़ता कियो की जो 5 साल पहले बाइक  पर चलता था आज वो फ्होर्चुनर में चलता है जो की 24,00,000/- की आती है पता नहीं नेता जी क्या लोटरी लगी जो की वो 44,000/- की गाड़ी से 24,00,000/- की गाड़ी में पहुच गए काश इस तरह की लोटरी तो नहीं पर इसका 1% ही मिल जाता आम आदमी को तो भूका कोई बचा नहीं सोता नहीं बाल मजदूरी होती आज अन्ना  , केजरिबाल और अन्य सामाजिक संगठन लगातार बोल रहे है की भारत का सारा धन विदेशो में है और लोग अनशन कर रहे है क्या अब अग्रेजो का साम्राज्य है जिसके लिए हमको भूका रहना पड़ता है इन पर कोई फ्हर्क नहीं पड़ता कियोकी जब इनको करोडो लोगो की भूक नहीं दिखी तो आपके और मेरे भूके रहने क्या होगा और आज में देख रहा हूँ की भारत में लक्ष्मी सिर्फ 2 लोगो की हो कर रह गयी है जिसमे सबसे पहले नाम आता है नेता जी का और दूसरा महात्मा का और किसी पास है नहीं इतना रूपया क्या ये भूल गए है की जीवन को काटने के लिए 2 बक्त  की रोटी और दाल की जरूरत होती है न की रूपये - पेसो की और न ही कोई अपनी छाती पर रख कर ले गया है भगवन का एक नियम है की खाली  हाथ भेजूंगा और खाली हाथ ही बुला लूँगा तू चाहे  कितना भी कमा  ले मेरे को कोई फरक  नहीं पड़ता फ्हिर भी इन्सान लगातार धोका और चोरी से नहीं डरता । क्या आने बाले समय में भारत और गरीव होगा या भूका कहलायेगा ??????????????????????????????????????????????????????